देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने बिजली लाइन के मुआवजे को बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के नए निर्देशों को अपनाते हुए अब बिजली टावर और उसके एक मीटर परिधि के क्षेत्र का मुआवजा सर्किल रेट के 200% के आधार पर दिया जाएगा।
इसके साथ ही सर्किल रेट और बाजार मूल्य में अंतर का आकलन करने तथा प्रभावित भूमि मालिकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया है।
जन विश्वास एक्ट लागू—52 एक्ट होंगे प्रभावित
बैठक में सात एक्ट के स्थान पर जन विश्वास एक्ट लागू करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत 52 एक्ट चिन्हित किए गए हैं जिनमें संशोधन किया जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे अपराधों के मामलों में कठोर सजा के स्थान पर व्यवहारिक और राहत देने वाली व्यवस्था लागू करना है।
छोटे अपराधों में जेल की जगह अब जुर्माना
सरकार ने छोटे स्तर के उल्लंघन पर जेल की सजा हटाकर केवल जुर्माने का प्रावधान करने का फैसला किया है। उदाहरण के तौर पर, जैविक कृषि के अधिसूचित क्षेत्रों में पेस्टिसाइड के उपयोग पर पहले एक लाख जुर्माना और एक साल जेल की सजा थी। कैबिनेट ने इसमें संशोधन करते हुए जेल की सजा हटाकर जुर्माना बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दिया है।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से नियम अधिक व्यावहारिक होंगे, भूमि मालिकों को बेहतर मुआवजा मिलेगा और छोटे मामलों में अनावश्यक कानूनी जटिलताएँ कम होंगी।


